SHAIKH JAHUR published: ২৬ ডিসেম্বর, ২০২৫, ০৮:১৩ এএম

नांदेड। न्यायालय में जल्द दोषारोप पत्र दाखिल कराने और दर्ज मामलों में मदद के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए विमानतल पुलिस थाने के एक पुलिस उपनिरीक्षक और एक पुलिस कांस्टेबल को लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने रंगेहाथ पकड़ लिया। इस सनसनीखेज कार्रवाई से नांदेड पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
इस प्रकरण में मुख्य आरोपी पुलिस उपनिरीक्षक गोविंद बालाजीराव जाधव के पास शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों के खिलाफ थाणे में दर्ज मामले की जांच थी। आरोप है कि पीएसआई जाधव ने न्यायालय में जल्द दोषारोप पत्र दाखिल कराने के लिए शुरुआत में तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में सौदेबाजी के बाद एक लाख रुपये पर मामला तय हुआ।
रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर 23 दिसंबर को एसीबी ने ब्रह्मसिंह नगर इलाके में शिकायतकर्ता के पिता के घर पर जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार पीएसआई गोविंद जाधव ने पंचों की मौजूदगी में एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की। वहीं पुलिस कांस्टेबल वैजनाथ संभाजी तांबोली ने इस लेन-देन में सहयोग और प्रोत्साहन देने की भूमिका निभाई।
एसीबी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान पीएसआई जाधव के पास से एक सरकारी रिवॉल्वर, 10 कारतूस और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। साथ ही आरोपियों के घरों की तलाशी की प्रक्रिया जारी है।
इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और भ्रष्ट अधिकारियों में भय का माहौल बन गया है। एसीबी ने आगे की जांच शुरू कर दी है।